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आवास आवंटन के विरोध में आयटक संगठन का चौथा दिन भी आंदोलन जारी.

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*आमरण उपोषण को क्रमिक अनशन में बदला.

*आंदोलन में भाग लेने वाले आठ कामगारों का तबादला.

*वेकोलि प्रबन्धन ने लेबर कोर्ट को दी अर्जी. दोनों पक्षों को श्रम आयुक्त ने किया तलब.

संवाददाता-माजरी
वेकोलि माजरी क्षेत्र में कामगार आवास क्र. A/289 के आवंटन का मामला अब गम्भीर रूप लेता दिखाई दे रहा है. चौथे दिन भी मामले का समाधान नहीं निकला.इस बीच आयटक संगठन ने आमरण उपोषण को दूसरे दिन से ही श्रृंखलाबद्ध उपोषण में बदल दिया. माजरी वेकोलि प्रबन्धन और संयुक्त खदान मजदूर संघ(आयटक) की रस्साकशी में साथ देने वाले कामगारों को प्रबन्धन ने निशाना बनाते हुए आठ कामगारों को उनके कार्य स्थल से अन्य विभाग में भेज दिया. जिसके कारण कामगारों में तीव्र नाराजगी देखी गई. कामगारों ने दबी जुबान से आरोप लगाया कि माजरी क्षेत्र में ही कम से कम आठ-दस अधिकारी बीस-पच्चीस वर्ष से एक ही क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करके जमे हुए हैं जबकि नियमानुसार इनका तबादला दस वर्ष सेवा देने के उपरांत अन्य क्षेत्र हो जाना चाहिए था. वेकोलि मुख्यालय भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है लम्बे समय से सेवा देने के कारण ये लोग कामगारों को कमियां निकालकर डराते-धमकाते रहते हैं.महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने आन्दोलन स्थल पर तीसरे दिन सुरेश हेमके,व चौथे दिन रमेश गद्दल क्रमिक अनशन पर बैठे.जिसकी जानकारी संगठन के अध्यक्ष दत्ता कोम्बे तथा सचिव दीपक ढोके ने दी है.
आवास आवांटन मामले में मनमानी और भ्रष्टाचार किये जाने का आरोप लगने तथा बातचीत से मामले का हल ना निकलता देख माजरी वेकोलि प्रबन्धन ने श्रम न्यायालय चन्द्रपुर से गुहार लगाने के बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर 11 अक्टूबर बुधवार के दिन तलब किया है.अब सभी की ध्यान लेबर कोर्ट के फैसले के तरफ लगी हुई है.” .
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