रोड के दोनों छोर पर जंगली कटीली झाड़ियों की सफाई न होने से जंगली जानवरों से दहशत।
संवाददाता-माजरी
भद्रावती तहसील के माजरी क्षेत्र के परिसर में वर्षा ऋतु समाप्त हो जाने के बाद कटीली झाड़ियों व जंगली घासों की सफाई न किये जाने से आमनागरिकों को डर-डरके आवागमन करना पड़ रहा है. माजरी से कोंढा फाटा,चालबर्डी,माजरी से पटाला, माजरी से पलसगांव और माजरी से तेलवासा एकतानगर वसाहत तक मुख्य सड़क के दोनों तरफ दो से तीन मीटर ऊँचे कटीली झाड़ी तथा जंगली घासों का जमावड़ा है। जिसमें जंगली सुअर, सियार,नील गाय और सबसे खूंखार जीव बाघ के छिपे होने की सम्भावना बनी रहती है। वेकोलि माजरी कोयला खदानों का क्षेत्र है,इस वजह से कामगारों व आसपास के बस्तियों के निवासियों का दिन-रात अपनी जान को जोखिम में डालकर आना जाना लगा रहता है,। तीन चार खदानों से कोयला उत्पादन पूर्णतया बन्द हो चुका है इन खदानों में जंगली जीवों खासकर बाघ और जंगली सुअरों ने अपना स्थायी निवासी बनाकर मुक्त विचरण कर रहे हैं। जिसे आबादी क्षेत्र में मुक्त विचरण करने से रोकने वनविभाग के पास कोई उपाय योजना भी नहीं है। जंगली जानवरों के कारण मवेशियों के साथ एक व्यक्ति की भी जान जा चुकी है।लेकिन इससे सम्बन्धित विभाग अपने जिम्मेदारी से मुँह मोड़े नजर आ रहा है। यदि इन जंगली घासों की सफाई सही समय पर कर दिया जाए तो सम्भवतः कुछ हद तक इस प्रकार के घटनाओं में कमी आ सकती है।
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